पंचपरगनिया भाषा से पीएचडी करने वालों तथा शोधार्थीयों की सूची – List of PhD Holders and Researchers in Panchpargania Language

पंचपरगनिया भाषा से पीएचडी करने वालों तथा शोधार्थीयों की सूची – List of PhD Holders and Researchers in Panchpargania Language

List of PhD Holders and Researchers in Panchpargania Language

List of PhD Holders and Researchers in Panchpargania Language: पंचपरगनिया भाषा झारखंड की समृद्ध लोकभाषाओं में से एक है, जो अपनी साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं भाषाई विरासत के लिए विशेष पहचान रखती है। पिछले कुछ वर्षों में इस भाषा पर विश्वविद्यालय स्तर पर अनेक महत्वपूर्ण शोध कार्य हुए हैं। कई विद्वानों ने पंचपरगनिया भाषा एवं साहित्य … Read more

पंचपरगनिया भाषा के पुस्तकों एवं लेखकों सूची – List of Panchpargania Books & Writers

List of Panchpargania Books & Writers

पंचपरगनिया भाषा के पुस्तकों एवं लेखकों सूची: पंचपरगनिया भाषा का साहित्य अत्यंत समृद्ध, बहुआयामी एवं गौरवशाली परंपरा का धनी है। समय के साथ इस भाषा में विभिन्न साहित्यिक विधाओं पर अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथों का सृजन एवं प्रकाशन हुआ है। लोक साहित्य की समृद्ध धारा में लोकगीत, लोककथा, पहेली, लोकोक्तियाँ, मुहावरे, मंत्र तथा अन्य प्रकीर्ण साहित्य … Read more

परिश्रम केर फल मीठा होयला पंचपरगनिया कहनी | मेसाकोसा – 1

परिश्रम केर फल मीठा होयला पंचपरगनिया कहनी | मेसाकोसा - 1

परिश्रम केर फल मीठा होयला पंचपरगनिया कहनी: आदमी निजेक गलती गिला के अन्तर दिल लेक सोचले ठीके बुझे पारयँला। केउ तो मठजबराइ कइर को आपन गलती टा जाइन के चुपेइ रहयँला, खुइल के नि कहयँला आर केउ तो आपन गलती टाके बुझल बादे खुइल कहन कहयँला आर सुधार लानेक चेस्टा करयँला। जे मठजबराइ कइर के … Read more

कारलावती पंचपरगनिया कहनी | मेसाकोसा – 1

कारलावती पंचपरगनिया कहनी | मेसकोसा - 1

कारलावती पंचपरगनिया कहनी: कोनो राइजे एक टा राजा रहंय। उनकर तीन टा बेटा आर एकटा बेटी रहंय।  बेटी टाकेर नाम कारलावती रहे। चाइरो भाई-बहिन कबऊ बिछा नि लागत रहयँ आर एक दोसर के बेजाइन दुलार करत रहयँ।जेठ मासेक दिन रहे। एक दिन सउब लेक छोटे भाई टा काहाँउ लेक एक टा आम आनलक आर आम … Read more

भाँटा आर बिलाती पंचपरगनिया कहनी | मेसाकोसा – 1

भाँटा आर बिलाती पंचपरगनिया कहनी | मेसकोसा - 1

भाँटा आर बिलाती पंचपरगनिया कहनी: एक दिन भाँटा आर बिलाती माहान बहुत झागड़ा होय गेलक। एसन झागड़ा होय गेलक जे मुड़ फुटा-फुटी। बिलाती केर तो लाले लाल खून बाहराय लागलक आर भाँटा केर तो आबगा बस (चर्बी) गिला बाहराय लागलक। उमन केर मामला ऊपर तक जे सबजी केर राजा हेके आलू तक पहंची गेलक। पंचायत … Read more