चालाक बिलाइ पंचपरगनिया लोककथा

चालाक बिलाइ पंचपरगनिया लोककथा

चालाक बिलाइ पंचपरगनिया लोककथा

चालाक बिलाइ: एकटा नानी बुढ़िआ रहे। उ एकटा बिलाइ पइस रहे। बिलाइ टाक एकटा दीदी रहे। उ दसर गाँव माहान आपन ससुर घरे रहत रहे। अकर ससुर गाँव टा हिआँ लेक छअ कस धुरे रहे। बिलाइ टा अकर नानी बुढ़िआ पासे खूभे खात-पीअत रहे मंतुक दिनेक-दिन दुबराले जात रहे। एक दिन नानी बुढ़िआ अके पुछलक, … Read more

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