परिश्रम केर फल मीठा होयला पंचपरगनिया कहनी | मेसाकोसा – 1

परिश्रम केर फल मीठा होयला पंचपरगनिया कहनी | मेसाकोसा – 1

परिश्रम केर फल मीठा होयला पंचपरगनिया कहनी | मेसाकोसा - 1

परिश्रम केर फल मीठा होयला पंचपरगनिया कहनी: आदमी निजेक गलती गिला के अन्तर दिल लेक सोचले ठीके बुझे पारयँला। केउ तो मठजबराइ कइर को आपन गलती टा जाइन के चुपेइ रहयँला, खुइल के नि कहयँला आर केउ तो आपन गलती टाके बुझल बादे खुइल कहन कहयँला आर सुधार लानेक चेस्टा करयँला। जे मठजबराइ कइर के … Read more

भाँटा आर बिलाती पंचपरगनिया कहनी | मेसाकोसा – 1

भाँटा आर बिलाती पंचपरगनिया कहनी | मेसकोसा - 1

भाँटा आर बिलाती पंचपरगनिया कहनी: एक दिन भाँटा आर बिलाती माहान बहुत झागड़ा होय गेलक। एसन झागड़ा होय गेलक जे मुड़ फुटा-फुटी। बिलाती केर तो लाले लाल खून बाहराय लागलक आर भाँटा केर तो आबगा बस (चर्बी) गिला बाहराय लागलक। उमन केर मामला ऊपर तक जे सबजी केर राजा हेके आलू तक पहंची गेलक। पंचायत … Read more